मेरा शहर साफ़ हो इसमें सबका हाथ हो गृहशोभा
Whatsapp group लेखक संपादक दिल्ली प्रेस पर हुई चर्चा और सर के बताये विषय आधारित. १६/१०/२०१६. सवर्ण जातियां सोचती हैं कि गंद हटाने का काम दलित भंगियों का है और उन्हें हम गंद में रहने को मजबूर करते हैं. भंगियों की दृष्टि से कैसे देखेंगे ? विचार दें कि क्या लिख सकते है इस पर , कौन लिखेगा ? ।।।।। आजकल सरकारी नौकरी के लालच मे ऊँची जातिया भी यह काम करने को तैयार है .. सही कहा।अभी कुछ दिन पहले सफाई कर्मचारियों खी जगह निकली थी सामान्य जातियो के लिये Sir we have house keeping staff in society , no body ask them their caste , They work as house keeping and house maid too . I feel in metros with them their is no caste discrimination . Before keeping housemaid too nobody asks their caste ........... whatsapp ग्रुप पर उस दिन हुई चर्चा आधारित एक आलेख _______________________________________________________________________ मेरा शहर साफ़ हो इसमें सबका हाथ हो एक आलेख द्वारा रीता गुप्ता मेरी एक रिश्तेदार की बीच शहर में ही बड़ी ...

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